10 जनवरी 2022 को एक रिपोर्ट भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने जारी की हैं। इस लेटेस्ट इंडियन टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेस इंडिकेटर रिपोर्ट के मुताबिक, देश के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स क्रमशः 497.69 मिलियन तथा 336.60 मिलियन सितंबर 2021 तक हैं। राष्ट्रभर में सरकार आए दिन नए कदम डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए उठाती रहती हैं। आइए अब हम इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
- देश के अछूते गांवों में चरणबद्ध तरीके से सरकार तथा टेलीकॉम (TSP) द्वारा मोबाइल/ब्रॉडबैंड/इंटरनेट सेवाएं दी जाती हैं।
- सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी जिला योजनाएं, व्यापक दूरसंचार विकास योजना, लेफ्ट विंग एक्ट्रीमिस (LWE) प्रभावित क्षेत्र योजनाएं जैसे प्लान यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) फंड के साथ बना रही हैं।
टावरों की स्थापना के माध्यम से देश के अछूते गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार:-
- देश के सभी ग्राम पंचायतों को फेज के हिसाब से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने के लिए भारतनेट परियोजना लॉन्च कर दी गई हैं।
- सर्विस प्रोबाइडर्स ब्रॉडबैंड/इंटरनेट सेवाओं के प्रावधान के लिए भारतनेट परियोजना के अंतर्गत बनाए गए बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कुछ दिनों पहले ही देश में ग्राम पंचायतों के सिवा सभी बसे हुए गांवों तक भारतनेट का दायरा बढ़ा दिया गया हैं।
- नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 17 दिसंबर 2019 को पेश किया गया था। समावेश को सुविधाजनक बनाना, डिजिटल कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रेक्चर के विकास को तेज करना, डिजिटल सशक्तिकरण, डिजिटल विभाजन को रोकना तथा सभी के लिए ब्रॉडबैंड की सस्ती तथा यूनिवर्सल पहुंच देना ही इसका लक्ष्य हैं।
वायरलेस एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) फ्रेमवर्क:-
- प्रधानमंत्री ने वायरलेस एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (PM-WANI) फ्रेमवर्क को ब्रॉडबैंड सर्विसेज के प्रसार को बढ़ाने के लिए पब्लिक वाईफाई के माध्यम से लॉन्च किया हैं।
- संस्थाओं को इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत सरकार को न तो कोई शुल्क देना होगा तथा न तो कोई लाइसेंस लेने की जरूरत हैं। आपको बता दें कि pmwani.gov.in पर इसका सारा विवरण मौजूद हैं।
- अपनी व्यावसायिक योजनाओं के मुताबिक देश के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में लाइसेंस प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर ब्रॉडबैंड सेवाएं देते हैं।
- हालांकि, कई सरकारी योजनाएं ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार के लिए, यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के सपोर्ट से देश के ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में हैं, इसके अंतर्गत लगभग 31529 करोड़ की कुछ राशि पिछले 5 सालों (फरवरी 2022) तक निर्धारित/वितरित कर दी गई हैं।






