कंपनी अपना बिजनेस भारत से पाकिस्तान शिफ्ट कर सकती हैं चाइनीज स्मार्टफोन मेकर Xiaomi ने इस अटकल को गलत कहा हैं। एक ट्विट में यह भी दावा किया गया था कि एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की तरफ से भारत में 67 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा के एसेट्स को जब्त किए जाने की वजह से कंपनी ऐसा कर सकती हैं। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) रुल्स का उल्लंघन करने का इल्जाम Xiaomi पर लगा हैं।
गुरुवार को South Asia Index इंडेक्स की तरफ से ट्विट में यह दावा किया गया था कि Xiaomi अपना बिजनेस केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी के एसेट्स को जब्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ले जाएगी। Xiaomi ने अपने जवाब में इस दावे को “पूरी तरह से झूठा तथा गलत” कहा हैं। कंपनी ने बताया हैं कि सरकार के मेक इन इंडिया अभियान में उसने भाग लिया हैं तथा भारत में उसके सभी टेलीविजन तथा स्मार्टफोन्स मॉडल्स में से तक़रीबन 99 प्रतिशत की असेंबलिंग होती हैं। इस हफ्ते के प्रारंभ में कर्नाटक हाई कोर्ट ने एसेट्स जब्त किए जाने के विरुद्ध Xiaomi की अपील को ठुकरा दिया था।
ED का यह आरोप हैं कि विदेश में गैर क़ानूनी ढंग से रॉयल्टी के भुगतान की मद से कंपनी ने रकम ट्रांसफर की थी। पिछले हफ्ते ED को एसेट्स जब्त करने की परमिशन एक अपीलेट अथॉरिटी ने दी थी। हालांकि, किसी भी गड़बड़ी से Xiaomi ने इनकार किया हैं तथा कंपनी ने बताया था कि यह पूरी तरह से उसकी क़ानूनी स्थिति के मुताबिक गलत हैं तथा उसके बिजनेस पर इससे प्रभाव पड़ा हैं। कोर्ट से एसेट्स को वापस दिलाने की मांग कंपनी के एडवोकेट ने किया था। हालांकि, कोर्ट ने बताया हैं कि रकम के बैंक की गारंटी कंपनी को पहले जब्त किए गए एसेट्स के समान मौजूद करानी होगी तथा इस पर Xiaomi का मानना था कि कंपनी के लिए पूरी तरह से रकम के बैंक की गारंटी देने से बिजनेस करना काफी कठिन हो जाएगा। जज ने इस मामले में कोई भी राहत तुरंत देने से मना कर दिया था।
तक़रीबन दो वर्ष पहले बॉर्डर पर भारत तथा चीन के बीच तनाव के बाद भारत में बिजनेस करने में बहुत सी चाइनीज कंपनियों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ा हैं। टिकटॉक सहित 300 से भी ज्यादा चाइनीज ऐप्स पर केंद्र सरकार ने सुरक्षा की वजह से बैन लगा दिया था तथा सरकारी एजेंसियों ने पिछले कुछ माह में बहुत सी चाइनीज फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई की हैं।






