भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां साल 2023 के मार्च महीने में अपना टैरिफ प्लान बढ़ा सकती है और यह बढ़ोतरी करीब 10 प्रतिशत तक की हो सकती हैं। कंपनियों द्वारा टैरिफ प्लान में बढ़ोतरी करने का मुख्य कारण रेवेन्यू और मार्जिन पर बढ़ता प्रेशर बताया जा रहा है। आपको बता दें कि भारत की तीन मुख्य बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के सितंबर महीने से लेकर नवंबर तक के तिमाही में औसतन रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में की बढ़ोतरी बेहद ही कम हुई है।
बात करें Business Insider की एक रिपोर्ट के बारे में तो उसमें Jefferies के माध्यम से यह जानकारी दी गई है कि देश की दोनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियां Reliance Jio और Bharti Airtel इस वित्तीय वर्ष की आखरी तिमाही में अपने टैरिफ प्लान में 10% तक की वृद्धि करनी की आधिकारिक घोषणा कर सकता हैं। आने वाले फाइनेंशियल ईयर में भी टैरिफ को 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है। अगर हम बात करें कंपनियों के टैरिफ प्लान बढ़ाने के मुख्य कारण ARPU के बारे में तो सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में Reliance Jio के ARPU में मात्र 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी तथा Airtel के इस तिमाही में औसतन रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) करीब चार प्रतिशत की दर्ज की गई थी। कुछ एनालिस्ट्स के अनुसार टेलीकॉम मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ने के आसार और देख रहे हैं और इसका अनुमान मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के लिए रिक्वेस्ट अधिक होने और भुगतान नहीं करने वाले सब्सक्राइबर्स की संख्या से लगाया जा रहा हैं।
आपको बता दें कि Bharti Airtel टेलीकॉम कंपनी ने अपने टैरिफ की बढ़ोतरी के साथ साथ छोटे प्लान जैसे कि 99 रुपये के प्लान आदि को पूर्ण रूप से बंद करना शुरू कर दिया है। तथा इस प्लान का प्राइस करीब 57 प्रतिशत तक की वृद्धि के साथ 155 रुपये कर दिया गया है। Airtel के इस नए प्लान में यूजर को 24 दिनों के लिए अनिलिमिटेड कॉलिंग कि सुविधा मिलती हैं तथा इसके साथ 1GB डाटा प्रतिदिन और 300 SMS भी प्रदान किए जा रहे हैं। लेकिन यह प्लान अभी के समय में कुछ ही चुनिंदा सर्कल्स में अवेलेबल है। Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) की एक रिपोर्ट में प्रोवाइड डेटा के हिसाब से, भारती एयरटेल ने सितंबर में करीब 4,12,000 नए वायरलेस सब्सक्राइबर जुड़े हैं तथा बात करें रिलायंस जियो के बारे में तो उसने उतने ही समय में करीब 7,20,000 नए सब्सक्राइबर ऐड किए हैं।
भारत की 2 सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के बारे में बात करें तो सबसे पहले नंबर पर आती है Reliance Jio, जिसके पास भारत के कुल 38.8 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर्स है, और इसी के कारण रिलायंस जिओ भारतीय टेलीकॉम मार्केट का करीब 52 प्रतिशत मार्केट शेयर रखता है। और अब बात करें दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के बारे में तो वह है भारती एयरटेल जिसके पास करीब 17.5 करोड़ का सब्सक्राइबर बेस है। इसी के साथ साथ स्वयं भारत सरकार की टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) इस सूची में चौथे स्थान पर आती हैं, बीएसएनल के पास केवल 30 लाख इंटरनेट सब्सक्राइबर्स है।
एक प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन Oxfam द्वारा साझा की गई एक रिपोर्ट के माध्यम से यह पता चला है कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘Digital India’ योजना में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी बेहद अधिक मात्रा में नहीं है और इसीलिए सरकार के यह स्कीम भारत के कोने कोने तक नहीं पहुंच पा रही हैं। आपको बता दें कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए शुरू की गई योजना BharatNet की प्रगति दर भी बेहद कम है। जहां भारतीय टेलीकॉम कंपनी को टेलीकॉम मार्केट में सरवाइव करने में समस्याएं आ रही हैं तथा दूसरी बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां जैसे एयरटेल और रिलायंस जियो अपनी 5G सेवाएं भारत में बेहद ही तेजी से सभी शहरों में प्रदान कर रही हैं और इसी कारण से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्पष्ट रूप से विभाजन होता जा रहा है। इसी के साथ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल सब्सक्राइबर्स की कुल संख्या में से पुरुषों सब्सक्राइबर्स की संख्या महिला सब्सक्राइबर्स से करीब 30% ज्यादा है।






