साल 2022 की दूसरी तिमाही यानी अप्रेल से जून माह तक के समय अन्तराल में भारत में बने, मेड इन इंडिया स्मार्टफोन्स की शिपमेंट्स बेहद अधिक और तेज गति से हुई थी। लेकिन, साल की तीसरी तिमाही अर्थात जुलाई माह से सितम्बर के महीने तक भारत में बने डिवाइसेज की डिमांड हर साल की दर के अनुसार करीब 8 प्रतिशत तक घट गई है। इस समय अन्तराल में भारत में बने स्मार्टफोन की करीब 5.2 करोड़ से अधिक यूनिट्स की शिपमेंट्स स्मार्टफोन मार्केट मैं करने में सफल हुई और इसका सबसे बड़ा कारण सेल्स में औसत से थोड़ी ज्यादा कमी आना है।
बेहद ही प्रसिद्ध मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint के द्वारा एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारत में बने स्मार्टफोन्स की सेल्स होने वाली गिरावट का एक और कारण कुछ देशों के बीच तनाव भी बन सकता है। इन सबके अतिरिक्त खासतौर पर जो एंट्री लेवल सेगमेंट है उसमें कंज्यूमर डिमांड मैं भी कमी हुई है। और कंज्यूमर डिमांड में कमी के पीछे का मुख्य कारण स्लोडाउन बताया जा रहा है। इनके अतिरिक्त तिमाही की शुरुआत में हैंडसेट्स की प्रोडक्शन पर इनवेंटरी अधिक होने का भी काफी ज्यादा असर पड़ा है। मेड इन इंडिया स्मार्टफोन्स की कुल शिपमेंट के हिसाब से 2 ब्रांड्स सबसे अधिक तेजी से बढ़ने वाले ब्रांड बने हैं, जिनका नाम BYD और Lava है। इसी के साथ भारत में बन रहे स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग के कुल ट्रेंड में भी तेजी देखी जा रही है। बीते कुछ महीनों में इस सेगमेंट हमें कई बड़ी पार्टनरशिप देखने को भी मिली है। जिसमें से एक पार्टनरशिप टाटा ग्रुप और Wistron के साथ ही हुई है जिसके बारे में विस्तार से हमने आपको हमारी एक पोस्ट में सारी जानकारी प्रदान करी है, इसी के साथ साथ एक और पार्टनरशिप हुई है, जो कि Foxconn और Vedanta के बीच हुई है।
इसके अलावा अगर बात करें Apple कंपनी के बारे में, तो iPhone बनाने वाली इस कंपनी ने इस साल के ग्लोबल स्मार्टफोन रेवेन्यू में टॉप पोजीशन बीते वर्ष की तरह ही हासिल करी है। लेकिन एप्पल कंपनी ने अपनी तीसरी तिमाही के समय अंतराल में हुई स्मार्टफोंस के सेल्स में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी रेवेन्यू में कंपनी ने हिस्सेदारी मैं इजाफा किया है। आपको बता दें कि कंपनी के जो औसत सेलिंग प्राइस निर्धारित है उसमें भी 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो कि कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने के पीछे का एक बड़ा एवं मुख्य कारण साबित हुई है।
कुछ रिपोर्ट के अनुसार Apple कंपनी की जितनी भी कुल सेल्स हुई है उनमें से 5G स्मार्टफोन की करीब-करीब 46 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी थी। इसी के साथ साथ बात करें अगर कंपनी के तीसरी तिमाही में होने वाले स्मार्टफोन रेवेन्यू से तो यह रेवेन्यू ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट के कुल रेवेन्यू में से एप्पल कंपनी की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत तक रही थी। आपको बता दें कि पिछले साल की जुलाई से सितंबर महीने तक के समय अंतराल में यह आंकड़ा करीब 37.1 प्रतिशत तक था। जो तीसरी तिमाही के मध्य में एप्पल कंपनी द्वारा लांच किए गए iPhone 14 Pro Max, iPhone 14 Pro और iPhone 14 की सेल्स बेहद ज्यादा अधिक रही थी। यहां पर जानने वाली बात यह होगी कि iPhone 14 Plus स्मार्टफोन की सेल्स इस साल की तीसरी तिमाही के अंतर्गत नहीं आती है क्योंकि कंपनी ने iPhone 14 Plus की शिपिंग को अक्टूबर माह के पहले हफ्ते तक भी शुरू नहीं किया था।
अब बात करते हैं दक्षिण कोरिया की स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Samsung के बारे में, तो इस कंपनी ने ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट में कुल रेवेन्यू मैं से 18.3 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी रही, इसी के साथ सैमसंग कंपनी एप्पल के बाद रेवेन्यू में हिस्सेदारी के मामले में दूसरे स्थान पर रही। इसके अलावा बात करें बाकी स्मार्टफोन कंपनीज के तो तीसरे स्थान पर चाइना की स्मार्टफोन कंपनी Xiaomi का नाम आता है जिसने 8.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की। इसके अतिरिक्त चीन की दो और फेमस स्मार्टफोन कंपनी Oppo और Vivo के बारे में बात करें तो ओप्पो की हिस्सेदारी करीब 6 प्रतिशत तक रही और विवो स्मार्टफोन कंपनी की हिस्सेदारी करीब 5 प्रतिशत की कुल ग्लोबल स्मार्टफोन मार्केट रेवेन्यू में रही।






