Tik Tok

कनाडा, अमेरिका और UK के बाद TikTok पर इस देश द्वारा भी लगाया गया बैन – चाइनीस ऐप TikTok को बैन करने वाले देशों की सूची बढ़ती जा रही है, क्योंकि अब इसमें एक और नए देश का नाम शामिल हो गया है। टिकटॉक को बैन करने वाला यह देश न्यूजीलैंड है। आपको बता दें कि न्यूजीलैंड द्वारा आधिकारिक रूप से सभी सरकारी डिवाइसेज में टिकटॉक को पूर्ण रूप से बैन कर दिया है। न्यूजीलैंड सरकार का टिकटोक बैन पर यह कहना था कि ऐसे सरकारी डिवाइसेज जो कि संसद में उपयोग किए जाते हैं, उन पर इस चीनी ऐप को बैन किया जाने वाला है। सरकार ने इस ऐप को बैन करने के पीछे न्यूजीलैंड देश की सुरक्षा को खतरा बताया है।

शॉर्ट वीडियो प्लेटफार्म TikTok लगातार मुश्किलों में घिरता जा रहा हैं। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कई ऐसे बड़ी देश हैं जिन्होंने इस चाइनीस एप्लीकेशन को बैन किया है। इसी के साथ न्यूजीलैंड भी टिक टोक को बैन करने वाले देशों में आ गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के माध्यम से यह पता चला कि, जिन डिवाइसेज का उपयोग न्यूजीलैंड पार्लियामेंट में किया जाता है, वह डिवाइसेज TikTok को डाउनलोड करने में असमर्थ रहेंगे।

सरकार द्वारा टिक टॉक को बैन करने की सूचना प्रदान करने के बाद से ही सभी सांसदों को भी इस जानकारी से अवगत करा दिया गया है कि इस महीने के आखिर तक में टिक टॉक को संसद में पूरी तरह बैन कर दिया जाएगा।

हाल ही में जारी हुई है रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड की सरकार द्वारा टिक टॉक बैन करने की जानकारी ईमेल के माध्यम से प्रदान की गई। इस ईमेल में कहा गया कि चाइनीस शार्ट वीडियो टिकटॉक का सरकारी डिवाइसेज पर बैन लगाने का निर्णय हमारे स्वयं के काफी एनालिसिस के बाद लिया गया है।

इस सूचना के जारी होने के बाद सरकार द्वारा यह कहा गया है कि टिक टॉक पर यह बैन केवल पार्लियामेंट मेंबर्स के लिए ही है। साथ ही यह सूचना जारी होने के बाद किसी भी पार्लियामेंट मेंबर के मोबाइल में टिकटॉक ऐप इंस्टॉल्ड नहीं कर सकते हैं।

कुछ समय पहले हमने आपको हमारी पोस्ट के माध्यम से बताया था कि टिक टॉक पर कनाडा और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में बैन लगा दिया गया था। साथ ही इसे अमेरिका में भी बैन कर दिया गया है। इन सभी देशों की सरकारों द्वारा सभी सरकारी डिवाइसेज में टिकटॉक पर बैन लगाया गया है। सभी देशों का इस निर्णय के पीछे का कारण अपने अपने देश की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को खतरा बताया गया है।

सभी देशों का इस निर्णय को लेने का मुख्य कारण यह है कि TikTok की पैरंट कंपनी ByteDance है जो कि एक चाइनीस मूल की कंपनी है। इस कंपनी का सीधा संबंध बीजिंग से जुड़ा हुआ है। और इसीलिए टिक टॉक के बारे में भी यह बातें सुनने में आती है कि इसे यूज करने वाले दुनिया के सभी लोगों के डेटा को चाइना में स्टोर किया जाता है। लेकिन इस आरोप पर टिकटॉक की तरफ से यह बयान दिया जाता है कि वह किसी भी यूजर्स के डेटा से कोई भी छेड़छाड़ या फेरबदल नहीं करते है।

Shambhavi Kumari
शांभवी कुमारी न्यूज़ हिंदी 360 के लिए एक अनुभवी समाचार लेखिका हैं। उन्हें तकनीक, खेल और स्वास्थ्य समाचार में 3 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसके अलावा, उसे नई चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना पसंद है। शांभवी से ईमेल shambhavi@oispice.com के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है