Deepfakes: डीपफेक्स पर YouTube और Facebook को केंद्र सरकार ने दी चेतावनी – केंद्र सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब और फेसबुक को डीपफेल्स लेकर चेतावनी दी है। दरअसल यूट्यूब और फेसबुक सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह बताया गया है कि कानून के तहत डीपफैक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध है जो कि गलत जानकारी या अश्लीलता फैलते हैं।
एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि एक मीटिंग में मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर आईटी राजीव चंद्रशेखर ने यह चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया कंपनी पिछले वर्ष लागू किए गए रूल्स के बावजूद भी यूजर्स के लिए शर्तों और नियमों को अपडेट नहीं किया। इन नियमों के तहत बच्चों के लिए हानिकारक या किसी अन्य व्यक्ति की नकल करने वाले अश्लीलता कंटेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कंपनियों को इन नियम को लेकर जागरूकता बढ़ाने चाहिए। साथ ही उन्हें यह भी बताना चाहिए कि वह इस प्रकार का कंटेंट पोस्ट नहीं कर सकते।
दरअसल इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से सेलिब्रिटी और नेताओं के जाली वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के मामले बड़े हैं। इस प्रकार के वीडियो को डीपफेक (Deepfake) कहा जाता है। केंद्र सरकार भी लगातार इसके खिलाफ नए-नए नियम व कानून बनाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद इस प्रकार के डीपफेक बनाने वाले तथा इन्हें शेयर करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
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वहीं आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने भी डीपफेक को लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने स्टेकहोल्डर के साथ मीटिंग करने के बाद बताया कि लोकतंत्र के लिए डीपफेक एक बड़ा खतरा है इससे संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर होती है। बता दे कि इन स्टेकहोल्डर में सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नैस्कॉम के प्रतिनिधि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और AI फील्ड से जुड़े प्रोफेसर शामिल थे। अश्विनी ने यह भी बताया कि हम डीपफेक (Deepfake) के लिए लगातार नए-नए नियम और रेगुलेशंस बनाने की शुरुआत कर रहे हैं। इस पर सरकार चार बिंदुओं पर कार्य करेगी जिसमें की डीपफेक की पहचान करना, रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को मजबूत करना, ऐसे कंटेंट को फैलने से रोकना एवं इस मुद्दे पर जागरूकता को बढ़ाना शामिल है। वहीं दूसरी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी डीपफेक को लेकर चेतावनी जारी की है मोदी जी ने कहा है कि चैट GPT की टीम डीपफेक की पहचान करें। साथ ही इंटरनेट पर ऐसे वीडियो के प्रसारित होने पर भी रोक लगाने की चेतावनी जारी करने को कहा गया है।






