Social Media प्लेटफॉर्म को नियम का पालन करने का सरकार ने दिया आदेश – आज के समय में जहां सोशल मीडिया लोगों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। वहीं कुछ वर्षों में सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने के भी मामले बढ़ गए हैं। इस दौरान AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से जाली वीडियो बनाकर वायरल किए जा रहे हैं। जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
दरअसल मिनिस्ट्री आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी ने सोशल मीडिया को एक एडवाइजरी जारी कर आईटी नियमों के पालन करने के बारे में कहा है। स्टेट मिनिस्टर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि AI का गलत उपयोग करने के लिए एक औपचारिक एडवाइजरी जारी की गई है। जिसके अंतर्गत यह बताया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स रूल 3(1) (B) के तहत प्रतिबंधित कंटेंट का उल्लंघन न करें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई यूजर ऐसे उल्लंघन करता है तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी की गई इस एडवाइजरी में कहा गया है कि जिस कंटेंट की आईटी रूल्स के तहत अनुमति नहीं है यदि उस कंटेंट को कोई यूजर्स शेयर करता है तो उस यूजर्स को उसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी। हाल ही में पिछले महीने केंद्र सरकार ने फेसबुक और यूट्यूब पर डीपफैक्स को लेकर चेतावनी दी थी।
इस दौरान सरकार ने डीपफैक्स और ऐसे कंटेंट पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगाते हुए अश्लीलता या गलत जानकारी फैलाने वाले यूजर्स के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की भी चेतावनी दी थी। वही एक रिपोर्ट के अनुसार एक मीटिंग के दौरान यूट्यूब और फेसबुक जैसी कंपनियों को यह चेतावनी दी गई है। इस बारे में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के चंद्रशेखर ने कहा था कि कई सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पिछले साल बनाए गए रूल्स के बावजूद भी नियम और शर्तों को अपडेट नहीं कर रहे हैं। इन नियमों के तहत अश्लीलता या अन्य व्यक्ति की नकल करने वाले कंटेंट तथा बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट पर बैन लगाया गया है।
साथ ही उन्होंने इन कंपनियों को रूल्स को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कहा है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत तरीके से उपयोग कर नेताओं और सेलिब्रिटीज के जाली वीडियो बनाकर काफी मात्रा में शेयर किया जा रहे हैं। इस तरह के वीडियो को डीप फैक्स कहा जाता है। वहीं सरकार इसके खिलाफ और भी नए कानून बनाने की तैयारी कर रही है।






