लोकसभा चुनाव के बाद AI के लिए भारत में बनेंगे नए कानून
पिछले कुछ समय से AI के उपयोग से डीपफैक्स जैसी समस्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
इससे निपटने के लिए जल्द ही देश में AI से जुड़े रेगुलेशंस को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के बाद भारत में AI से रिलेटेड एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू में बताया कि AI के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर बनाया जा रहा है।
अश्विनी वैष्णव का कहना है कि रेगुलेशंस संतुलित होंगे तथा यह भी निश्चित किया जाएगा कि इनोवेटर्स की क्रिएटिविटी को किसी प्रकार का नुकसान ना हो।
इस दौरान राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि इकोनामिक ग्रोथ के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए AI का उपयोग किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश का AI मार्केट साल 2027 तक 25 से 35% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट के साथ बढ़कर 17 अरब डालर तक पहुंचाने की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले साल गूगल पर सर्च की गई चीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI की हाई रैंकिंग थी।
इसने Web3 और Bitcoin से जुड़े कीवर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था।
वहीं पिछले वर्ष AI से रिलेटेड ChatGPT जैसे कीवर्ड को भी कई बार सर्च किया गया था