Hanooman AI में मिलेगा 12 भाषाओं का सपोर्ट, जानिए कैसे करेगा काम – 3AI होल्डिंग और सीता महालक्ष्मी हेल्थ केयर ने Hanooman AI को पेश कर दिया है। बता दे कि इसके भारतीय लार्ज लैंग्वेज मॉडल LLM को 21 फरवरी को लॉन्च किया गया था। गौरतलब है कि इस AI मॉडल को भारतीय यूजर्स के लिए विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है। यह 98 ग्लोबल भाषाओं और 12 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है तथा टेक्स्ट को ट्रांसलेट भी कर सकता है। फिलहाल सभी यूजर्स के लिए Hanooman AI प्लेटफॉर्म फ्री है। परंतु कंपनी आने वाले समय में इसका प्रीमियम वर्जन पैड सब्सक्रिप्शन के साथ लॉन्च करने का विचार कर रही है।
हाल ही में Hanooman के ऑफिशियल हैंडल ने एक पोस्ट के जरिए अपने लॉन्च का ऐलान किया है। इस दौरान AI प्लेटफॉर्म Hanooman ने लिखा है कि Say Hello to Hanooman, भारत का पहला अपना जेनरेटिव AI जो की लैंग्वेज की परेशानी को लगभग खत्म कर देगा। यहां पर आप अपनी पसंदीदा भाषा में बिना रुकावट के कम्युनिकेशन कर पाएंगे। चाहे वह तमिल, बंगाली, हिंदी या अन्य भाषा हो। हनुमान ने सभी भाषा को कवर कर लिया है।
Hanooman AI के फीचर्स
डेवलपर के मुताबिक चैट बोट को शासन, फाइनेंशियल सर्विस, एजुकेशन और हेल्थ सर्विस जैसे कई अहम सेक्टर में फंक्शनल होने के लिए डिजाइन किया गया है। यह 98 ग्लोबल भाषा और 12 भारतीय भाषा के सपोर्ट के साथ यूजर को उनकी अपनी भाषा में जवाब देने में सक्षम है।
यह आई स्पेनिश, इटालियन, जर्मन, फ्रेंच, अंग्रेजी, रूसी, जापानी और चीनी समेत कई अन्य ग्लोबल भाषाओं को सपोर्ट करता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह चैट बोट वह सभी कार्य कर सकता है जो की ChatGPT या Google का Gemini करता है। यह बातचीत कर सकता है, रेसिपी शेयर कर सकता है, टेस्ट तैयार कर सकता है तथा आपके सवालों का जवाब भी दे सकता है। वही कंपनी ने बताया है कि Hanooman AI एक इंटीग्रेशन मैट्रिक्स के साथ स्पेशल LLM को इंटीग्रेटेड करता है। जिससे कि एडेप्टेड इनसाइड एक्शनेबल इंटेलिजेंट में बिना रुकावट डाटा ट्रांसफर्मेशन की सुविधा भी यूजर्स को मिल जाती है।
हालांकि यह फोटो को इनपुट तौर पर नहीं लेता है और ना ही उन्हें जनरेट कर सकता है। परंतु इसमें यूजर अलग-अलग भाषाओं में बात कर सकते हैं। वही टेस्टिंग में यह भी देखा गया कि इसे कभी-कभी बंगाली भाषा में कठिनाई हुई है। हालांकि अंग्रेजी और हिंदी में इसका रिस्पॉन्स बेहतर रहा है। वही अभी इस AI में और भी सुधार होने की उम्मीद है।






