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नए एंड्राइड वर्जंन वाले डिवाइसेज की संख्या बढ़ी सभी कंपनियों  के बीच बढ़ेगा कंपटीशन – जैसा कि हम सब जानते हैं कि कई ऐसे स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर कंपनी है जो कि अपने स्मार्टफोन्स में Android 13 ऑपरेटिंग सिस्टम को रिलीज करने की तैयारी में जुटी हुई हैं। Android ऑपरेटिंग सिस्टम को गूगल द्वारा डिवेलप किया गया है, तथा इसके बारे में जानकारी देते हुए Google द्वारा यह बताया गया कि Android का New Version कई अलग-अलग कंपनी के लाखों स्मार्टफोन्स पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। गूगल द्वारा Android 13 OS Version को रिलीज किए करीब पांच महीने का समय हो गया है।

Android OS का नया वर्जन Android 13 एक ऐसा नया ऑपरेटिंग सिस्टम का वर्जन बन गया है जो सभी डिवाइसेज में से करीब 5.2 प्रतिशत पर है। लेकिन देखने में यह बड़ी संख्या नहीं लगती है परंतु एंड्रॉयड के इस वर्जन को कुछ महीने पहले ही रिलीज किया गया है और जिसे देखते हुए इस ऑपरेटिंग सिस्टम की ग्रोथ काफी अच्छी हो रही है। गूगल कंपनी द्वारा एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के डिस्ट्रीब्यूशन के बारे में सभी प्रकार के एनालिटिक्स पिछले कई वर्षों से नहीं दिए जाते हैं।

Android Studio कोर्ट के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों के साथ-साथ बाकी अन्य डिवाइस मैन्युफैक्चर कंपनियां भी तेजी से इस ऑपरेटिंग सिस्टम को जोड़ रहे हैं। इसी के साथ-साथ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Android 12 और Android 12L एंड्राइड वर्जन कुल डिवाइसेज में से 18.9 प्रतिशत पर है। एंड्रॉयड के इन वर्जन में पिछले साल अगस्त के महीने में काफी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है।

अनुमान लगाया है जा रहा था कि नए वर्जन के आने से पुराने वर्जन वाली डिवाइस की कमी होगी और अब वैसा ही देखने को मिल रहा है क्योंकि Android के नए वर्जन को लांच होने के बाद एंड्रॉयड 13 वाले डिवाइसेज की संख्या बढ़ रही है तथा पुराने वर्जन में निरंतर कमी देखी जा रही है। इसी के साथ साथ Android Oreo गिरावट के बाद अब 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।

इसके अतिरिक्त Android KitKat वर्जन में पिछले साल अगस्त महीने में 0.9 प्रतिशत से घटकर 0.7 प्रतिशत डिवाइसेज में उपयोग किया जा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर कंपनियां जो एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का यूज करती है उनमें Samsung, OnePlus और Google जैसे स्मार्टफोन ब्रांड्स शामिल है, और यह कंपनियां अपने स्मार्टफोन को Android OS के नए वर्जन के साथ भी लांच कर रहे हैं। इसी के साथ साथ एंड्रॉयड पर कार्य करने वाले सभी स्मार्टफोन ब्रांड अपने मौजूदा स्मार्टफोन को नए एंड्रॉयड वर्जन में अपडेट करने की प्रक्रिया पर कार्य कर रहे हैं।

पिछले साल गूगल पर लगने वाली पेनल्टी की खबर काफी चर्चा में रही थी, भारत में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा एंड्रॉयड ओएस के पूर्ण इकोसिस्टम में गूगल कंपनी के दबदबे वाली स्थिति का गलत प्रकार से उपयोग करने में दोषी पाया था और इसी कारण गूगल पर पिछले साल करीब 1,338 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगाई गई थी। जिसके विरोध में गूगल कंपनी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई गई लेकिन इस पेनल्टी पर सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था।

जी हां, गूगल कंपनी द्वारा कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया CCI की लगाई गई  पेनल्टी के विरोध में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील दाखिल करी थी। लेकिन NCLAT ने इस पेनल्टी पर अंतरिम रोक लगाने से पूर्ण तरह से मना कर दिया था। लेकिन गूगल कंपनी यहीं पर नहीं रुकी इसके पश्चात कंपनी द्वारा NCLAT के ऑर्डर के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CCI के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल N Venkataraman ने सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण रूप से पारदर्शिता के साथ यह बतलाया कि गूगल कंपनी द्वारा भारत और यूरोप में अलग स्टैंडर्ड रखे गए हैं। इसी के साथ साथ उन्होंने यह भी कहा था की गूगल ने यूरोपियन कमीशन की ओर से पास किए गए समान ऑर्डर का पालन किया है, अतः कंपनी भारत में भी इन ऑर्डर का पालन करने के लिए बाध्य हैं।

शनाया कुमारी को समाचार लेखन, विशेषकर खेलों में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उसका शौक किताबें पढ़ना और गेम खेलना है, आप shanya@oispice.com पर शनाया से संपर्क कर सकते हैं।