भारत सरकार की टेलीकॉम कंपनी BSNL की ओर से एक बड़ी अपडेट निकल कर सामने आ रही है ।बीएसएनएल कंपनी ने यह घोषणा की है कि वह अपनी 4G टेक्नोलॉजी को करीब पांच-सात महीनों के अंदर ही 5G में अपग्रेड करने वाली है। BSNL भारत सरकार द्वारा संचालित टेलीकॉम कंपनी है इसके संपूर्ण भारत में करीब 1.35 लाख से भी अधिक मोबाइल टावर्स हैं। साथ ही BSNL की दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच काफी अच्छी और अधिक है जबकि बाकी टेलीकॉम कंपनीया ऐसी जगहों तक पूरी तरह कवरेज नहीं दे पाती है। BSNL कंपनी 5G technology का इस्तेमाल करने की दिशा में काफी तेजी आगे बढ़ रही है। इसीलिए बीएसएनएल ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कंपनी को 5G Testing Equipments का प्रबंध करने की बात कही है।
आपको बता दें कि उद्योग संगठन CII के एक कार्यक्रम में भारत के टेलीकॉम मिनिस्टर श्री Ashwini Vaishnaw ने बीएसएनएल के 4G टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके 5G में तब्दील करने की खबर के बारे में यह जानकारी दी। कार्यक्रम में कोटक बैंक के सीईओ श्री Uday Kotak के टेलीकॉम क्षेत्र में भारतीय कंपनी बीएसएनएल के कॉन्ट्रिब्यूशन से जुड़े सवाल का उत्तर देते हुए अश्विनी वैष्णव जी ने कहा कि BSNL ने टेलीकॉम सेक्टर को मजबूती प्रदान करने में एक बड़ी भूमिका निभाई है, और आगे भी इस सेक्टर को मजबूत बनाने में बीएसएनल को योगदान देना होगा । साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि, “टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टेक की शुरुआती जल्द की जाएगी। बीएसएनएल कंपनी 4G टेक्नोलॉजी स्टैक है जिसे पांच से सात महीनों में 5G टेक्नोलॉजी पर अपग्रेड कर दिया जाएगा। बीएसएनएल की 5G टेक्नोलॉजी का ऑपरेशन भारत के करीब 1.35 लाख बीएसएनएल टावर पर शुरू किया जाएगा।” भारत सरकार की टेलीकॉम मिनिस्ट्री का ऐसा मानना है कि बीएसएनल कंपनी के 5G नेटवर्क सेवाएं शुरू करने के बाद यह कंपनी 5G नेटवर्क स्पीड प्रोवाइड करने वाली टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनियों की तरह बन जाएगी जो कि बीएसएनल के साथ-साथ भारत सरकार के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी ।
वर्तमान समय में 5G नेटवर्क प्रोवाइड करने वाली भारत की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनीया रिलायंस जिओ और एयरटेल है। जिसमें बात करें अगर Reliance Jio टेलीकॉम कंपनी के बारे में तो उसने अपना मेगा 5G नेटवर्क बनाने के लिए लगने वाले सभी जरूरी इक्विपमेंट्स को यूरोप की टेलीकॉम इक्विपमेंट सप्लायर्स Nokia और Ericsson के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर लिए हैं। भारत में रिलायंस जिओ के 5G नेटवर्क तैयार करने के लिए स्वीडन की टेलीकॉम इक्विपमेंट मेकर कंपनी Ericsson ने लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट करने पर हामी भरी है। इस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत एरिक्सन के एनर्जी एफिशिएंट 5G रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस रिलायंस जियो को प्रोवाइड करें जाएंगे। आपको बता दें कि इस प्रकार का रेडियो एक्सेस नेटवर्क के लिए जियो और एरिक्सन के बीच पहला टाई-अप हुआ है। साथ ही रिलायंस जियो के वर्तमान चेयरमैन Akash Ambani ने कहा है कि, “हमें विश्वास है कि रिलायंस जियो का 5G नेटवर्क भारत के डिजिटलाइजेशन की गति को और तेजी से आगे बढ़ाएगा और भारत सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में एक बड़ी भूमिका के रूप में कार्य करेगा ।” साल 2022 की शुरुआत में हुई स्पेक्ट्रम की नीलामी मैं रिलायंस जियो ने भी भाग लिया था और जियो ने लगभग 11 अरब डॉलर का स्पेक्ट्रम भी सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था।
रिलायंस जियो और एरिक्सन के कोलैबोरेशन के अतिरिक्त भी दुनिया की टेलीकॉम इक्विपमेंट का निर्माण करने वाली बड़ी कंपनियों में से एक नोकिया ने भी इस बात के बारे में जानकारी दी है कि भारत में रिलायंस जिओ कंपनी के साथ 5G नेटवर्क को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई वर्षों की डील पर सहमति प्रदान की है।
इसके अंतर्गत नोकिया कंपनी रिलायंस जिओ को हाई-कैपेसिटी 5G मैसिव MIMO एंटीना, नोकिया बेस स्टेशंस और अन्य जरूरी 5G टेक्नोलॉजी इक्विपमेंट सप्लाई करेगी।






