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भारत में 2016 में फुल स्केल लॉन्च की परमिशन से वंचित रहने के बाद आखिरकार गूगल मैप्स का गूगल स्ट्रीट व्यू फीचर पेश हो गया है। शहरों की सड़कों की पैनोरमिक तस्वीरों को देखने तथा उनमें नेविगेट करने की परमिशन यूज़र्स को स्ट्रीट व्यू फीचर देता है। कंपनी ने नई दिल्ली में प्रेस मीट में ऐलान करते हुए कहा है कि भारत में वह टेक महिंद्रा तथा Genesys की मदद से स्ट्रीट व्यू ला रहा है। यह फीचर 10 भारतीय शहरों के लिए लाखों 360 डिग्री पैनोरमिक तस्वीरों के साथ मौजूद होगा जो कि 150,000km सड़कों को शुरू में कवर करेगा। इस वर्ष आखिर तक 50 शहरो में इस फीचर का विस्तार करना गूगल का लक्ष्य है। इसके साथ ही, कैमरों से लैस SUV को पहल के भाग के रूप में भीड़-भाड वाली जगहों के लिए टेक महिंद्रा तैनात करेगी। 2016 में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय सरकार ने गूगल स्ट्रीट व्यू के रोलआउट के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था।

अपनी स्ट्रीट व्यू सेवा भारत के 10 शहरों में Genesys तथा टेक महिंद्रा के साथ गूगल ने पार्टनरशिप में आरंभ की। 150,000km की सड़कों को चेन्नई, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, पुणे, हैदराबाद, वडोदरा, नासिक, अमृतसर तथा अहमदनगर में गूगल स्ट्रीट व्यू फीचर कवर कर रहा है। 50 भारतीय शहरों में इस फीचर को वर्ष के आखिर तक टेक दिग्गज ला सकते है।

लोकल पार्टनर्स द्वारा डेटा कलेक्शन किया जाएगा। लोकल डेवलपर्स के लिए स्ट्रीट व्यू API को कंपनी मौजूद कराएगी। भारत ऐसा पहला देश है जहाँ भागीदारों को मुख्य रूप से स्ट्रीट व्यू को सक्षम किया गया है। नई राष्ट्रीय जियोस्पेशियल पॉलिसी के आधार पर इसे पेश किया जा रहा है जो कि 2021 के फरवरी में पेश किया गया था। घरेलू कंपनियों को डेटा तथा आधुनिक मैपिंग टेक्नोलॉजी को एकत्र करने की परमिशन ये निति देती है।

शहर में सड़क को जूम करके तथा उस क्षेत्र को टैप करके गूगल मैप्स पर स्ट्रीट व्यू फीचर एक्सेस किया जा सकता है। लोकल कैफे, कलचरल केंद्रों आदि को यह दिखाएगा। बताया जा रहा है कि सतह के तापमान का डेटा भी गूगल अर्थ इंजन की सहायता से यह मुहैया कराता है।

अपने किसी स्ट्रीट व्यू वाहन का उपयोग गूगल इस काम के लिए नहीं कर रही है। भारत में पिछली जनरेशन के महिंद्रा स्कॉपियो मॉडल को कंपनी इसकी बजाय उपयोग करेगी।

गूगल के डेटा ऑपरेशन्स प्रोडक्ट मैनेजर स्टैनफोर्ड मैक्वार्ड ने बताया कि भारत में हाल ही में गूगल I/O में पेश किया गया गूगल स्ट्रीट व्यू कैमरा भी आ सकता है। उन्होंने बताया कि भारत के लिए इमर्सिव व्यू लाना हम पसंद करेंगे परंतु अभी तक कुछ भी हमने तय नहीं किया है। चूँकि एरियल व्यू तथा 3डी डेटा का इस्तेमाल यह करता है, इसलिए इसे भारत में लाने के लिए शायद हमें इसी तरह की साझेदारी करनी होगी।

स्थानीय अधिकारियों के साथ ट्रैफिक की भीड़ को कम करने तथा रोड सेफ्टी उपायों के लिए अपने सहयोग की भी गूगल ने घोषणा की है। ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा शेयर किए गए स्पीड लिमिट डेटा गूगल मैप्स सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शित करेगा, बेंगलुरू तथा चंडीगढ़ से इसकी शुरुवात होगी। इसका लक्ष्य सड़क की भीड़, कार्बन उत्सर्जन तथा चौराहों पर वेटिंग टाइम को कम करना है। हैदराबाद तथा कोलकाता में भी इसका विस्तार कंपनी करेगी।

गूगल आठ शहरों-हैदराबाद, दिल्ली, अहमदाबाद, चंडीगढ़, गुड़गॉंव, कोलकाता, आगरा तथा बेंगलुरु में एग्रीगेटर्स तथा यातायात प्राधिकरणों के साथ पार्टनरशिप कर रही है, ताकि घटनाओं के बारे में तथा सड़क बंद होने की जानकारी दी जा सके।

इसके सिवा, घरेलू सस्थाओं के साथ मिलकर अपने यूज़र्स के कार्बन फूटप्रिंट्स को कम करने के लक्ष्य से कंपनी नयी पहल कर रही है। हाल ही में एन्वायरमेंटल इनसाइट्स एक्सप्लोरर (EIE) का संचालन कंपनी ने किया, जो कि सार्वजनिक परिवहन गतिविधि डेटा का उपयोग स्थानीय तथा शहरों सरकारों को उत्सर्जन मापने में सहायता करने के लिए करता है।

गूगल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी एयर क़्वालिटी की जानकारी देने के लिए जुड़ी है। इन जानकारियों को गूगल मैप्स पर Layers>Air quality पर जाकर एक्सेस किया जा सकता है।

शांभवी कुमारी न्यूज़ हिंदी 360 के लिए एक अनुभवी समाचार लेखिका हैं। उन्हें तकनीक, खेल और स्वास्थ्य समाचार में 3 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसके अलावा, उसे नई चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना पसंद है। शांभवी से ईमेल shambhavi@oispice.com के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है