AI के लिए जल्द ही बनाए जायेंगे कड़े नियम और रेगुलेशंस – आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का उपयोग काफी ज्यादा बढ़ गया है। जहां एक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कई फायदे हैं। वहीं दूसरी और इन सब से कुछ समस्या भी उत्पन्न हो रही है। जिससे निपटने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार ने कड़े रेगुलेशंस बनाने का निर्णय लिया है। वही आपको बता दे कि इन रेगुलेशंस का पहला ड्राफ्ट जुलाई 2024 तक तैयार किया जाएगा। दरअसल मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी के राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि इकोनामिक ग्रोथ के लिए इस समय AI का उपयोग किया जा रहा है। जिससे एग्रीकल्चर और हेल्थ केयर जैसे सेक्टर पर काफी बड़ा असर पड़ने वाला है। हालांकि हम ChatGPT के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहते हैं। हम इस दिशा में नहीं जा रहे। परंतु देश की कई भाषाओं पर हम फोकस करना चाहते हैं।
वही अनुमान है कि देश का AI मार्केट साल 2027 तक 25 से 35% के कंपाउंड एनल ग्रोथ रेट के साथ बढ़कर 17 अरब डालर तक पहुंच जाएगा। इस ग्रोथ के पीछे टेक पर इंटरप्राइजेज का खर्च बढ़ना और AI में इन्वेस्टमेंट जैसे कारण होना बताया जा रहा है। जो की सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन Nasscom और Boston Consulting Group की एक रिपोर्ट में बताया गया है। वही आपको बता दे कि पिछले वर्ष गूगल पर सर्च की गई चीजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की हाई रैंकिंग रही थी। इस दौरान AI ने बिटकॉइन, क्रिप्टो और Web3 सीरीज से जुड़े कीवर्ड को भी सर्च के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
AI से जुड़े ChatGPT जैसे कीवर्ड को पिछले वर्ष सबसे ज्यादा सर्च किया गया था। हालांकि दूसरी और AI के उपयोग से इस समय सेलिब्रिटीज के डीपफेक या जाली वीडियो बनाने के मामले भी काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब और फेसबुक पर हाल ही में इससे निपटारे के लिए केंद्र सरकार ने चेतावनी भी दी है। दरअसल यूट्यूब और फेसबुक सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सरकार ने निर्देश दिए हैं कि देश के कानून के तहत डीप फेक जैसे कंटेंट को पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जो कि गलत जानकारी या फिल्मी सितारों की अश्लील फोटो या वीडियो बनाकर भेजते हैं।
वहीं इस बारे में राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि सोशल मीडिया कंपनियों ने रूल्स के बावजूद भी अपने नियम और शर्तों को अपडेट नहीं किया है। दरअसल रूल्स के तहत अश्लीलता या बच्चों के लिए हानिकारक एवं अन्य डीप फेक या अन्य व्यक्ति की नकल करने वाले कंटेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन कंपनियों को रूल्स को लेकर जागरूकता बढ़ाने चाहिए साथ ही यूजर को लोगिन करने पर यह भी बताना चाहिए कि वह इस प्रकार का गलत या अश्लील कंटेंट पोस्ट नहीं कर सकते।
