Microsoft

AI में निवेश से Microsoft को हुआ फायदा, 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हुई मार्केट वैल्यू – हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी बन गई है। दरअसल इस समय माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट वैल्यू 3 लाख करोड डालर से भी ज्यादा हो गई है। वहीं इस सूची में अमेरिकी कंपनी एप्पल स्टॉक मार्केट में वैल्यू में पहले स्थान पर मौजूद है।

दरअसल साल 2024 की शुरुआत से माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल के शेयर के बीच मार्केट केपीटलाइजेशन में पहले स्थान को लेकर जबरदस्त कंपटीशन हुआ। जनवरी 2024 की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट केपीटलाइजेशन दो वर्षों में पहली बार एप्पल से अधिक हो गया था। जिसके बाद यह दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी भी बन गई। हालांकि इसके बाद एप्पल कंपनी ने दोबारा से टॉप पर जगह हासिल की। दरअसल बुधवार को माइक्रोसॉफ्ट के शेयर का प्राइस 1.7% बढ़कर 405.63 की हाई पर पहुंच गया। जिसके बाद कंपनी का मार्केट केपीटलाइजेशन 3 लाख करोड डालर से भी अधिक का हो गया था। हालांकि इसके बाद से माइक्रोसॉफ्ट के शेयर प्राइस में गिरावट भी आई।

वहीं दूसरी और चीन जैसे बड़े मार्केट में अमेरिकी कंपनी एप्पल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल चीन में सरकारी एजेंसियों ने उनके एम्पलाइज पर एप्पल के डिवाइसेज का उपयोग करने पर रोक लगा दी है। जिसके बाद एप्पल कंपनी को काफी नुकसान भुगतना पड़ रहा है। वही आपको बता दे कि पिछले काफी दिनों से माइक्रोसॉफ्ट का शेयर लगातार बढ़ रहा है। दरअसल पिछले साल जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ChatGPT मेकर OpenAI में इन्वेस्टमेंट के द्वारा माइक्रोसॉफ्ट के शेयर में काफी तेजी दर्ज की गई थी। गौरतलब है कि OpenAI में ChatGPT को डेवलप करने वाली माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा इन्वेस्टमेंट रहा है।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो AI में निवेश से माइक्रोसॉफ्ट को काफी ज्यादा फायदा मिला है। डाटा बड़ी मात्रा में प्रशिक्षित किए गए जेनरेटिव AI से मनुष्य के जैसा नया कंटेंट तैयार होता है इससे विज्ञान से जुड़े असाइनमेंट भी पूरे किए जा रहे हैं। साथ ही नोवल भी लिखे जा रहे हैं। हालांकि दूसरी और जेनरेटिव AI के कुछ नुकसान भी सामने आ रहे हैं इस दौरान कुछ लोग जाली वीडियो बनाकर ठग भी कर रहे हैं। कई देशों में इस प्रकार के मामले बड़े हैं जिसके बाद इन देशों ने सख्ती बढ़ाने का भी कार्य किया है। अमेरिका ने AI रेगुलेशन के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। वही यूरोपियन यूनियन ने भी अपने AI एक्ट को संशोधित किया है। वहीं भारत में भी जेनरेटिव AI से जागरूक रहने की अपील की जा रही है। क्योंकि इससे लगातार धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं।

शनाया कुमारी को समाचार लेखन, विशेषकर खेलों में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उसका शौक किताबें पढ़ना और गेम खेलना है, आप shanya@oispice.com पर शनाया से संपर्क कर सकते हैं।