सरकार ने दिया Airtel और Reliance Jio को अपनी सर्विस में सुधार करने का आदेश – भारती एयरटेल और जिओ जैसी भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के सब्सक्राइबर्स को कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसकी शिकायतें लगातार करी जा रही है। और इसी के कारण अब टेलीकॉम कंपनियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सर्विस की क्वालिटी को बेहतर करने तथा उसमें सुधार करने के आदेश सरकार द्वारा प्रदान किए गए है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI के द्वारा स्पैम कॉल्स और मैसेज के विषय से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए भी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम में पारदर्शिता लाने तथा मशीन लर्निंग टूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि की सहायता से स्पर्म कॉल को आसानी से डिटेक्ट करने का सिस्टम तैयार करने का भी निर्देश दिया है। आपको बता दें कि इस टूल की सहायता से गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटर्स की ओर से भेजे जाने वाले स्पैम मैसेज तथा कॉल आदि को ब्लॉक करने में सहायता मिलती है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया(TRAI) के अधिकारियों के द्वारा भारत की तीनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियां यानी Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea (Vi) के सीनियर एग्जिक्यूटिव्स के साथ मीटिंग आयोजित की गयी। जिसमें टेलीकॉम कंपनी द्वारा सर्विस की क्वालिटी में यूजर्स को आ रही समस्याओं के बारे में चर्चा की गई।
इसके अलावा भी मीटिंग में कई और मुद्दों पर चर्चा की गई है जिसमें 5G सर्विस के लिए नॉर्म्स और स्पैम कॉल्स और मैसेज के मुद्दे प्रमुख रहे है। TRAI द्वारा भारत की टेलीकॉम कंपनियों को यह निर्देश दिए गए है कि उनके द्वारा प्रदान की जा रही सर्विस की क्वालिटी के मापदंडों के लिए कड़े नॉर्म्स बनाने की तैयारी की जा रही हैं। इस मामले में आने वाले कुछ महीनों में TRAI की तरफ से कंसल्टेशन की एक प्रक्रिया को भी शुरू किया जाने वाला है। भारत में सेवाएं प्रदान करने वाली इन टेलीकॉम कंपनियों को सर्विस की क्वालिटी को बेहतर करने के लिए जो TRAI द्वारा निर्देश दिए गए हैं। उनका सीधा फायदा भारत के मोबाइल सब्सक्राइबर्स को होने वाला है। क्योंकि वर्तमान समय में कई मोबाइल सब्सक्राइबर कॉल ड्रॉप और नेटवर्क में कमी जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
रिलायंस जिओ और भारती एयरटेल जेसी टेलीकॉम कंपनियों को वर्तमान सिस्टम के अंतर्गत अब 5G कॉल के डेटा की रिपोर्ट प्रदान करनी पड़ेगी। इसी के साथ साथ नेक्स्ट जेनरेशन सर्विसेज के लिए अलग क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS) इंडिकेटर्स को लाने की तैयारी भी की जाएगी। सभी लोगों को अनचाहे नंबर से कॉल आना यानी स्पैम कॉल्स आना एक काफी बड़ी परेशानी है। जिसका सामना लगभग सभी मोबाइल सब्सक्राइबर्स को करना पड़ता है। हाल ही में हुए एक सर्वे के माध्यम से यह बात सामने आई है कि 92 प्रतिशत सब्सक्राइबर्स को ‘डु नॉट डिस्टर्ब’ सेवा एक्टिवेट होने की बाद भी प्रति दिन कम से कम एक स्पैम कॉल आ ही जाती है। इसी के साथ-साथ आपको बता दें कि इन स्पैम कॉल्स को करने में जिन सेक्टर्स का नाम सबसे आगे आता है उनमें रियल एस्टेट सेक्टर्स और फाइनेंशियल सर्विसेज के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले स्पैम कॉल शामिल हैं। इन स्पैम कॉल्स के माध्यम से मोबाइल सब्सक्राइबर को बेमतलब ही परेशान किया जाता है।
आपको बता दें कि LocalCircles द्वारा आयोजित किए गए एक सर्वे के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि 16 प्रतिशत ऐसे मोबाइल यूजर्स हैं जिनको हर दिन कम से कम 6-10 स्पैम कॉल्स प्राप्त होती हैं। इसी के साथ लगभग पांच प्रतिशत ऐसे मोबाइल यूजर्स भी हैं जिनको प्राप्त होने वाले स्पैम कॉल की संख्या प्रतिदिन 10 कॉल्स से अधिक है। LocalCircles द्वारा इस सर्वे को 5 जनवरी से 5 फरवरी के बीच आयोजित किया गया था। इस सर्वे को कुल 342 जिलों के 56,000 से से भी ज्यादा लोगों के उत्तर प्राप्त हुए हैं। इस सर्वे में पूछे गए प्रत्येक प्रश्न के लिए उत्तरों की संख्या अलग थी। LocalCircles द्वारा आयोजित इस सर्वे के अंतर्गत आने वाले मोबाइल सब्सक्राइबर्स में से 66 प्रतिशत ने यह जानकारी प्रदान करी कि उनके मोबाइल पर हर दिन तीन या उससे भी अधिक स्पर्म कॉल आती हैं। और इसी के साथ आंकड़ा चौंकाने वाला यह भी था कि कुल 96 प्रतिशत ऐसे मोबाइल सब्सक्राइबर्स थे जिनका कहना था कि उनके मोबाइल पर हर दिन कम से कम एक स्पर्म कॉल जरूर मिलती है।
मोबाइल सब्सक्राइबर्स को मिलेंगे यह लाभ:
- TRAI द्वारा टेलीकॉम कंपनियों को सर्विस क्वालिटी में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए गए है
- अब मोबाइल सब्सक्राइबर्स को कॉल ड्रॉप और नेटवर्क की कमी से होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलने वाला है।
- भारत की टेलीकॉम कंपनियों को 5G कॉल के डाटा से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होंगी।
- स्पैम कॉल और मेसेज से मिलेगा छुटकारा।
