Xiaomi

Xiaomi पर यूक्रेन ने लगाया गंभीर आरोप, कहा युद्ध में रूस की मदद कर रही है यह कंपनी – पिछले साल दो पड़ोसी देशों रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के जल्दी समाप्त होने का कोई भी आसार नहीं दिख रहा है। इसी युद्ध के चलते यूक्रेन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। रूस द्वारा किए जा रहे हमलो पर कई देशों ने आपत्ति जताई हैं तथा और उस पर प्रतिबंध भी लगा दिया है।

कई बड़ी इंटरनेशनल कंपनियों ने रूस में अपना कारोबार बंद कर दिया है। जिससे सीधे तौर पर रूस की इकोनामी को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन दोनों देशों के बीच युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसी के कारण दोनों देशों के बीच कई विवाद के मामले भी उत्पन्न हो गए हैं। इन्हीं विवादों के बीच अब चाइना की जानी मानी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स मैन्युफैक्चर कंपनी Xiaomi का भी नाम बीच में आ गया है। इस पोस्ट में हम आपको Xiaomi कंपनी से हो रहे विवाद के बारे में जानकारी देंगे।

जानिए युक्रेन ने Xiaomi कंपनी पर क्या आरोप लगाया है ?

एक मीडिया रिपोर्ट में यह बात निकलकर सामने आई है कि, चाइनीस कंपनी शाओमी पर यूक्रेन द्वारा कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी के साथ-साथ रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि यूक्रेन की नेशनल एजेंसी फॉर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (NAZK) ऑर्गनाइजेशन द्वारा इस चाइनीस कंपनी को “अंतरराष्ट्रीय युद्ध प्रायोजकों” की सूची में शुमार करने की सोचना भी जारी दी है। यूक्रेन की अथॉरिटीज ने यह दावा पेश किया है कि शाओमी कंपनी का वर्तमान समय में भी रूसी मार्केट में अपना व्यापार जारी है। दोनों देशों के बीच विवाद की स्थिति प्रारंभ होने से ही वह रूसी स्मार्टफोन मार्केट का सबसे प्रमुख डिवाइस ब्रांड बना हुआ है।

NAZK के डाटा द्वारा यह भी जानकारी मिली हैं कि रूस स्मार्टफोन मार्केट में शोओमी कंपनी का मार्केट शेयर काफी तेजी से बढ़ा है और पिछले साल से अब तक करीब दुगना हो चुका है। शाओमी का रेवेन्यू रूस में पिछले वर्षों से बढ़कर 20 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा हो गया था।

यूक्रेन की ओर से की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बताया गया है कि हमारे द्वारा चाइनीस कंपनी शाओमी को अंतरराष्ट्रीय युद्ध प्रायोजकों की सूची में शामिल करने का कारण रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद भी शाओमी का रूस में अपने कारोबार को लगातार जारी रखना है। यूक्रेन की सरकार द्वारा रूस को एक “आतंकवादी देश” कहा जा रहा है।

भारत में भी शोओमी कंपनी को लगा झटका..

बात करें भारत में चाइना की इस स्मार्टफोन कंपनी शाओमी के बारे में तो यह भारतीय कस्टमर्स कि पसंदीदा रिक्वायरमेंट को समझने में नाकाम रही है। और इसी कारण से दक्षिण कोरिया की दिग्गज स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर कंपनी Samsung, शाओमी को पछाड़कर भारत के स्मार्टफोन मार्केट में पहले पायदान पर पहुंच चुकी है।

आपको बता दें कि भारत का स्मार्टफोन मार्केट दुनिया का सबसे दूसरा बड़ा स्मार्टफोन मार्केट है। शाओमी ने मुख्य रूप से मिडिल क्लास लोगों को अपना कस्टमर बनाने के लिए मिडरेंज स्मार्टफोन अर्थात 10,000 रुपये से कम के मोबाइल को मार्केट में उतारने तथा बेचने पर ध्यान दिया।

लेकिन इंडिया के स्मार्टफोन मार्केट में लोगों की पसंद काफी यूनिक तथा नए डिजाइन के साथ अच्छे स्पेसिफिकेशन और दमदार फीचर्स वाले स्मार्टफोन्स बन गए हैं। इस प्रकार के स्मार्टफोन के लिए इंडियन कस्टमर ज्यादा प्राइस चुकाने के लिए भी तैयार रहते हैं।

स्मार्टफोन जगत की सारी की जानकारी रखने वाली रिसर्च फर्म Counterpoint की एक रिपोर्ट के माध्यम से यह पता चलता है कि बीते साल की चौथी तिमाही यानी कि अक्टूबर से लेकर दिसंबर महीने तक स्मार्टफोन कंपनी सैमसंग ने कुल मार्केट शेयर के 20 प्रतिशत पर अपना कब्जा किया। वहीं अगर हम बात करें शाओमी कंपनी की तो शाओमी का मार्केट शेयर भारत में 18 प्रतिशत ही रहा था।

Shambhavi Kumari
शांभवी कुमारी न्यूज़ हिंदी 360 के लिए एक अनुभवी समाचार लेखिका हैं। उन्हें तकनीक, खेल और स्वास्थ्य समाचार में 3 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसके अलावा, उसे नई चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना पसंद है। शांभवी से ईमेल shambhavi@oispice.com के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है