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चीन, रूस के 7.5 हजार YouTube चैनल Google द्वारा किये गए बैन – हम सभी जानते हैं कि ऑनलाइन वीडियो अपलोडिंग एंड स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर Google का मालिकाना हक है। इसीलिए यूट्यूब प्लेटफार्म से जुड़े सभी फैसले गूगल द्वारा लिए जाते हैं। और अब गूगल द्वारा रूस, चीन तथा ईरान आदि से जुड़े करीब 7500 से भी ज्यादा यूट्यूब चैनल को ब्लॉक कर दिया गया है हैं। आपको बता दें कि गूगल द्वारा इन सभी यूट्यूब चैनल पर यह कड़े कदम 2023 के शुरुआती महीनों यानी जनवरी-फरवरी के बीच में ही उठाए गए हैं।

जिसके अंतर्गत इन यूट्यूब चैनल को परमानेंटली ब्लॉक कर दिया गया हैं। गूगल द्वारा यह जानकारी एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से साझा की गई है गूगल द्वारा इस ब्लॉक में कहा गया है कि हमने 6,285 यू-ट्यूब चैनलों को टर्मिनेट कर दिया है तथा इसी के साथ साथ 52 ब्लॉगर्स के ब्लॉग साइट्स को भी ब्लॉक किया गया है। इन सभी यूट्यूब चैनल तथा ब्लॉग वेबसाइट का संबंध रूस चीन आदि देशों से बताया गया है।

गूगल कंपनी ने अपनी ब्लॉक पोस्ट में यह भी साझा करते हुए कहा है कि Google कॉर्डिनेटेड इन्फ्लूएंस ऑपरेशन कैम्पेन साल 2030 के पहले 3 महीने में ही करीब 7500 से ज्यादा YouTube चैनलों को टर्मिनेट कर चुका है। इन यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक करने के पीछे गूगल ने कारण बताया है। जिसके अंतर्गत गूगल के थ्रैट एनालिसिस ग्रुप के बारे में जानकारी निकालने के पश्चात इन यूट्यूब चैनलों पर लगातार स्पर्म कंटेंट अपलोड होने के कारण इन्हें टर्मिनेट किया गया है। बैन किए गए यूट्यूब चैनल पर लाइफस्टाइल मनोरंजन और संगीत, से जुड़े कंटेंट को अपलोड करते थे, जो कि चीन से संबंधित थे। गूगल के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप (TAG) के द्वारा इनकी जांच की गई थी। इस जांच पड़ताल में यह देखा गया कि यूट्यूब चैनल पर स्पैम कंटेंट अपलोड किया गया है।

Threat Analysis Group के द्वारा यह बताया गया कि जिन 40 यूट्यूब चैनल को ब्लॉक किया गया है वह ईरान की सरकार का समर्थन करने तथा गलत जानकारी फैलाने में दोषी पाए गए है। आपको बता दें कि इन यूट्यूब चैनल पर हिंदी अंग्रेजी उर्दू फारसी आदि भाषाओं में कंटेंट अपलोड किया जाता था। से मिली जानकारी के अनुसार किए गए यूट्यूब चैनल ईरान में प्रदर्शनकारियों के विरोध में वीडियो कंटेंट अपलोड किया करते थे और साथ ही में वह ईरान सरकार का समर्थन भी करते थे।

जिन यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया गया है उनमें से दो ऐसे चैनल थे जिनके डोमेन पोलैंड से संबंधित बताए गए हैं। और इन्हें ब्लॉक करने के साथ ही यह भी बताया गया कि चैनल रूस का समर्थन करने से जुड़े कंटेंट को अपलोड करते थे । तथा अमेरिका के बारे में आलोचना से भरी बातें अपने वीडियो कंटेंट में बताते थे। यूट्यूब चैनल पर यूक्रेन से जुड़ी भी काफी गलत तथा भार्म्रिक जानकारी प्रदान की जा रही थी।

गूगल कंपनी के द्वारा चलाए जा रहे Threat Analysis Group के कॉर्डिनेटेड इन्फ्लूएंस ऑपरेशन कैम्पेन के अंतर्गत इसे यूट्यूब चैनल जो कि रूस के इंटरनेट रिसर्च एजेंसी से संबंधित है। ब्लॉक किए गए इन यूट्यूब चैनल की संख्या 87 है। इसी के साथ साथ इस ब्लॉक लिस्ट में चार ऐसी यूट्यूब चैनल शामिल है जिनको यूक्रेन के विरोध में डाटा लीक करने का दोषी पाया गया हैं। इन चैनलों को ब्लॉक करने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण था क्योंकि इन यूट्यूब चैनलों द्वारा लीक किया जा रहा डेटा यूक्रेन के शरणार्थियों के नजरिये से बेहद अधिक संवेदनशील बताया है।

गूगल कंपनी अपनी वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर ऐसा कंटेंट बिल्कुल नहीं रहने देना चाहती है जिसके द्वारा किसी भी प्रकार की गलत जानकारी फैलती है । इसी के साथ साथ गूगल यूजर की निजी जानकारी को लेकर भी काफी गंभीर रहता है, और इसका उदहारण हमने गूगल द्वारा ऐसे यूट्यूब चैनल को बेन किए जाने पर पता चलता है, जो कि यूक्रेन के शरणार्थियों के संवेदनशील जानकारियों कोई यूट्यूब पर वीडियो कंटेंट के फॉर्म में लिख कर रहे थे। इसी के साथ साथ यूट्यूब द्वारा यह भी कहना है कि अगर उन्हें आगे भी ऐसे यूट्यूब चैनल मिलते हैं जिन पर झूठी जानकारी फेलाई जाती है तो Threat Analysis Group द्वारा आगे भी कड़े कदम उठाये जायेंगे।

शनाया कुमारी को समाचार लेखन, विशेषकर खेलों में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उसका शौक किताबें पढ़ना और गेम खेलना है, आप shanya@oispice.com पर शनाया से संपर्क कर सकते हैं।