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YouTube के नए CEO बने भारतीय Neal Mohan, Susan Wojcicki ने दिया अपने पद से इस्तीफा – सबसे अधिक चर्चित वीडियो शेयरिंग तथा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube की चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर Susan Wojcicki ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें कि Susan ने नौ वर्ष यूट्यूब के सीईओ पद का कार्यभार संभाला है। Susan Wojcicki के इस्तीफा देने के तुरंत बाद भारतीय मूल के Neal Mohan को YouTube के नए सीईओ के रूप में चुना गया है। Neal Mohan पूर्व में यूट्यूब के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के रूप में कार्य कर रहे थे जिन्हें अब यूट्यूब कंपनी ने अपना नया CEO घोषित किया है। दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल की पैरंट कंपनी Alphabet ही यूट्यूब की मालिक कंपनी है।

Susan Wojcicki के इस्तीफे के बारे में जानकारी उनके एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। अपनी ब्लॉक में उन्होंने कहा कि वह यूट्यूब सीईओ का पद छोड़कर अपनी परिवार, स्वास्थ्य और पर्सनल प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान देंगी और इस कारण से वह यूट्यूब के सीईओ पद से इस्तीफा दे रही हैं। आपको बता दें कि इसके पूर्व Susan गूगल में ऐड प्रोडक्ट्स की वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्य कर चुकी हैं। Susan Wojcicki करीब 25 वर्षों तक गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट इंक में अपनी सेवाएं दी तथा इसके पहले वह Intel में भी जॉब कर चुकी है।

अब बात करते हैं यूट्यूब के नए सीईओ Neal Mohan के बारे में, Neal ने Stanford यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट किया तथा इसके बाद Neal Mohan ने साल 2008 में गूगल कंपनी के साथ जुड़े थे। नील मोहन को गूगल के अलावा Microsoft जेसी सॉफ्टवेयर कंपनी में भी कार्य करने का अनुभव प्राप्त है। सीईओ बनने से पहले नील चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर के रूप में YouTube Shorts की बागडोर संभाले हुए है। यूट्यूब पर यूट्यूब शॉट के आने के बाद बीते कुछ सालों से टिकटॉक से कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।

बीते साल 2022 के अंत में भारत में यूट्यूब कंपनी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। यह मामला तब का है जब केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में यूट्यूब पर झूठे वादे तथा गलत जानकारी बताने वाले फेक वीडियोस के मामले में तीन चैनलों को हटाने के आदेश दिए थे। इन तीनों यूट्यूब चैनल को प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के अंतर्गत फैक्ट चेकिंग यूनिट द्वारा गलत और भ्रामक जानकारी प्रदान करने वाला बताया था।

इसके अलावा भी साल के आखिरी में Alphabet के साथ-साथ और कुछ अन्य कंपनियों पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों की YouTube एक्टिविटी को उनके अभिभावकों की सहमति के बिना ट्रैक करने का आरोप लगाया गया था जिस पर अमेरिका में एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इन आरोपों मैं यह बताया गया था कि इन कंपनियों पर बच्चों की यूट्यूब एक्टिविटी को ट्रैक किया जाता है। जिसका उपयोग कर उन बच्चों को विज्ञापन दिखाए जाते है। आपको बता दें कि अमेरिका के सिएटल में अपील्स कोर्ट कंपनी पर लगे इस मुकदमे की समीक्षा कर रहा है।

अमेरिका में एक कानून है जिसके अंतर्गत, फेडरल ट्रेड कमीशन और स्टेट अटॉर्नी जनरल के पास 13 साल से कम उम्र के बच्चों से जुड़े व्यक्तिगत डेटा को ऑनलाइन एकत्र करने पर नियंत्रण का अधिकार है। और इस नियम के अंतर्गत ही यह आरोप लगाया गया है कि गूगल ने बच्चों के डाटा को टाइप किया है जोकि डेटा कलेक्शन में गैर कानूनी है। इन आरोपों में यह भी बताया गया था कि Cartoon Network, Mattel और Hasbro जैसे चैनल्स बच्चों की एक्टिविटी को ट्रैक करते हैं तथा ट्रैकिंग से प्राप्त होने वाली जानकारी का उपयोग कर उन बच्चों को अपने चैनल्स की ओर खींचते हैं।

शांभवी कुमारी न्यूज़ हिंदी 360 के लिए एक अनुभवी समाचार लेखिका हैं। उन्हें तकनीक, खेल और स्वास्थ्य समाचार में 3 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसके अलावा, उसे नई चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना पसंद है। शांभवी से ईमेल shambhavi@oispice.com के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है